LT GRADE EXAM 2018: नकल कराने को लिए करोड़ों, 51 गिरफ्तार, कई की तलाश Other, खास खबरें, राष्ट्रीय

एसटीएफ ने परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल कराकर करोड़ों रुपये की वसूली करने वाले एक और गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह रविवार को आयोजित एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में साल्वर बैठाकर नकल कराने की फिराक में था। लेकिन, इससे पहले ही एसटीएफ ने लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर और आगरा में ताबड़तोड़ छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना समेत 51 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। 

परीक्षा में पर्चा लीक कराने और सॉल्वर बैठाकर नकल कराने की साजिश के बारे में शासन को कुछ दिन पहले ही पता चल गया था। इसके बाद ही डीजीपी ओपी सिंह ने एसटीएफ को इसमें लगा दिया था। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि उनकी टीम लगातार इस गिरोह नजर रखे हुए थी। शनिवार रात ही इनके गिरोह की लोकेशन मिल गई थी। देर रात से रविवार सुबह तक इंदिरा नगर व लखनऊ के अन्य इलाकों से 34 लोगों को पकड़ लिया गया। इनमें आठ अभ्यर्थी, इनके स्थान पर बैठने वाले साल्वर और बिचौलिये शामिल हैं। इसके अलावा इलाहाबाद से 12, कानपुर से चार और आगरा से एक गिरफ्तारी हुई। 

सॉल्वरों में डॉक्टर व लेक्चरर भी शामिल 

गिरफ्तार लोगों में बर्खास्त शिक्षक, सिपाही, लेक्चरर, डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एक्स-रे-टेक्नीशियन और महिला साल्वर के अलावा कई अभ्यर्थी भी हैं। गिरोह के पास दर्जनों आधार कार्ड, कई डिवाइस और हजारों रुपये बरामद हुई हैं।

50 हजार रुपये में सॉल्वर बने डॉक्टर व लेक्चरर

एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि साल्वर बनने के लिए इन्हें 50 हजार से एक लाख रुपये तक देने का लालच दिया गया था। कुछ को एडवांस भी दे दिया था। गिरोह के सरगना ने डॉक्टर व लेक्चरर तक को लालच देकर फंसा लिया था। इन सभी को लखनऊ के होटल व गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। कुछ लोग इंदिरा नगर  ‘ए’ ब्लॉक में एक मकान में रुके हुये थे। एसटीएफ ने सबसे पहले यहीं पर गिरफ्तारी की। 

बिहार से बुलाए गए थे साल्वर

एएसपी डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी ने बताया कि गिरोह के सरगना कई साल्वर बिहार से बुलाए थे। पकड़े गए मुख्य सरगना ओम सहाय ने बताया कि वह कई परीक्षाओं में साल्वर बैठा चुका है। उसके बिहार में काफी सम्पर्क है। लिहाजा अधिकतर साल्वर वहीं से बुलवाये। 

14 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा

दावा किया जा रहा है कि इस गिरोह ने दर्जनों अभ्यर्थियों से दो लाख से पांच लाख रुपये तक वसूले। यह रकम एडवान्स थी। पूरा सौदा 14-14 लाख रुपये में तय हुआ था। एसटीएफ की सक्रियता से ये लोग साल्वर को नहीं बैठा सके। हालांकि इससे भी इनकार नहीं किया जा रहा है कि कुछ जगह ये साल्वर मूल अभ्यर्थी की जगह बैठ गये हो और पकड़ में नहीं आ सके। 

मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करा लेते

अभ्यर्थियों से एडवांस लेने के बाद गिरोह के लोग मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करा लेते थे। परीक्षा में सफल होने के बाद जब वह तय रकम पूरी अदा कर देते थे, तब उनके प्रमाण पत्र लौटा दिये जाते थे। 

इलाहाबाद में सरगना बर्खास्त शिक्षक गिरफ्तार

इलाहाबाद कार्यालय के मुताबिक सीओ नवेन्दु सिहं ने बताया कि कर्नलगंज से नकल माफिया घूरपुर निवासी ओम सहाय व उसके दो साथियों को पकड़ा गया। इनके खुलासे के बाद ही कई और जगह छापे मारे गये। ओम सहाय ओर उसकी पत्नी नीलम ने फर्जी टीईटी सर्टिफिकेट से टीचर की नौकरी पा ली थी। पर, बाद में इसका खुलासा होने पर दोनों की नौकरी बर्खास्त कर दी गई थी। 

ऐसे किया ‘खेल’

एसटीएफ की मानें तो अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और आधार कार्ड में खेल किया गया था। आधार कार्ड को स्कैन करके उसमें फोटो बदल दिया गया था। साफ्टवेयर की मदद से अभ्यर्थी और साल्वर की फोटो मिक्स करके एक फोटो बनाए गए ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। इसी का फायदा उठाकर साल्वर जाकर परीक्षा देता। फोटो साफ न होने पर उसके पकड़े जाने की संभावना भी कम रहती। 

दो तरीके से कराते थे नकल

गिरोह के सरगना ने बताया कि ये लोग दो तरीके से परीक्षा में नकल कराते थे। पहले तरीके के तहत तो ये लोग मूल अभ्यर्थियों की जगह साल्वर बैठा देते थे। दूसरे तरीके में ब्लूटूथ व अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल करायी जाती थी। साल्वर बैठाने के लिये अभ्यर्थी से ज्यादा रकम ली जाती थी। जबकि कुछ अभ्यर्थी सिर्फ सुबह ही पर्चा देख लेते थे और खुद ही परीक्षा देते थे। इनसे कुछ रकम वसूली जाती थी। 

लखनऊ से पकड़े ये 34 लोग

-वरुण कुमार सिंह, फतेहपुर-कानपुर नगर के जिला अस्पताल में एक्सरे टेक्नीशियन
-धीरेन्द्र सिंह, न्यायविहार, इलाहाबाद-स्वरूपरानी मेडिकल कालेज में फार्मासिस्ट
-राजेन्द्र कुमार, विकासनगर(11/323)-डॉक्टर
-शशीन गुप्ता, सिटी स्टेशन के पास-डॉक्टर
-हरीशचन्द्र सिंह, नैनी-इलाहाबाद-प्रवक्ता
-प्राणदेव उर्फ छोटू, धूमनगंज-इलाहाबाद-अभ्यर्थी
-अरविन्द सिंह उर्फ बबलू-फतेहपुर-अभ्यर्थी
-रंजीत, सहसो-इलाहाबाद-अभ्यर्थी
-कृष्णा कुमार सिंह, कर्वी-चित्रकूट-अभ्यर्थी
-रावेन्द्र सिंह, कौशाम्बी-अभ्यर्थी
-राज कुमार सिंह, इलाहाबाद-अभ्यर्थी
-भारत भूषण सिंह, फतेहपुर-बिचौलिया
-जगदीश सिंह, इलाहाबाद–बिचौलिया
-घनश्याम पाल, प्रतापगढ़-सरगना
-सतीश कुमार सरोज,प्रतापगढ़- 32 वीं वाहिनी पीएसी का सिपाही, चार साल से गैरहाजिर था-बिचौलिया
-सतीश कुमार त्रिपाठी, इलाहाबाद-सरगना
-डॉ. रवि प्रकाश वर्मा, सेक्टर एफ-अलीगंज-बिचौलिया
-गणेश प्रसाद, आजमगढ़-अभ्यर्थी
-उदित निशांक, बागपत-अभ्यर्थी
-उत्कर्ष सिंह, फतेहपुर-बिचौलिया
-विनोद सिंह, फतेहपुर-बिचौलिया
-देव नारायण यादव, भदोही-सरगना
-सूर्य कुमार यादव, प्रतापगढ़-बिचौलिया
-रविकांत मौर्य, मऊ-बिचौलिया
-गोविन्द जायसवाल, गोरखपुर-डॉक्टर-बिचौलिया
-रमापति दुबे, गोरखपुर-बिचौलिया
-मंगल सिंह, मिर्जापुर-बिचौलिया
-रामेश्वर सिंह, मिर्जापुर-बिचौलिया
-संकल्प तिवारी, कानपुर नगर-बिचौलिया
-यशवंत कुमार, गाजीपुर-बिचौलिया
-सचिन यादव, जौनपुर-बिचौलिया
-मनीष यादव, जौनपुर-बिचौलिया
-शुभम प्रजापति, कृष्णानगर-लखनऊ-बिचौलिया
-अजय कुमार, कन्नौज-सरगना

इलाहाबाद से 12 गिरफ्तार 

-ओम सहाय -छतहरा तरहार,इलाहाबाद
-विनित कुमार – काटीपार मजरा, कौशाम्बी
-जितेन्द्र कुमार – काटीपार मजरा, कौशाम्बी
-चिन्टू कुमार -भोजपुर, बिहार
-भोला कुमार- पटना, बिहार
-संजू कुमारी -अरवल, बिहार
-कन्हाई पंडित -अरवल, बिहार
-पिन्टू कुमार -औरंगाबाद, बिहार
-सौरभ -पटना, बिहार
-सुरेश भारतीय -बर्रा, कानपुर-अभ्यर्थी
-अशोक कुमार -कोतवाली, फतेहपुर-अभ्यर्थी
-अशोक यादव – घूरपुर, इलाहाबाद-अभ्यर्थी

कानपुर में पकड़े गये चार लोग

-हरेराम, बिहार-सॉल्वर
-दीपेश कुमार, फतेहपुर-अभ्यर्थी
-अनुज कुमार पाण्डेय, कौशाम्बी-बिचौलिया
-अमान अहमद, पुरामुख्ती-इलाहाबाद

मथुरा में एक गिरफ्तार

-मृत्युंजय कुमार उर्फ लव, बिहार-सॉल्वर

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