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Exercise: जानें प्लैंक करना क्यों अन्य एक्सरसाइज से बेहतर है

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प्लैंक एक ऐसी एक्सरसाइज है, जिसे करना हर किसी के लिए आसान नहीं है। इसलिए अधिकतर लोग इसे वर्कआउट रुटिन में शामिल नहीं करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि इसके रोजाना अभ्यास करने से आपको कई फायदे मिलते हैं, जो कि कोई और एक्सरसाइज नहीं दे पाती। इसके नियमित अभ्यास से ही संतुलन और मजबूती प्राप्त की जा सकती है। जो कि शरीर को फिट बनाने के लिए बहुत जरूरी है। आइए प्लैंक करने के फायदे जानने से पहले इसे करने का सही तरीका जानते हैं।

प्लैंक एक्सरसाइज करने का सही तरीका…
सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद धीरे-धीरे अपने शरीर का भार दोनों कोहनी और पैरों के पंजों पर टिका लें। दोनों कोहनी को कंधों की ठीक नीचे रखें। अब अपनी गर्दन, कमर और कूल्हों को एक सीध में रखें। इसी पोजिशन में जितनी देर हो सके उतना रहने की कोशिश करें। जितनी देर इस पोजिशन में बने रहेंगे, आपको उतना ही फायदा मिलेगा।

प्लैंक के प्रकारः
प्लैंक कई प्रकार से किया जा सकता है, लेकिन इसके कुछ मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं।
लो प्लैंक
हाई प्लैंक
वन साइड प्लैंक

फायदेः
शारीरिक संतुलनः प्लैंक करने से आपको शारीरिक संतुलन मिलता है। जिससे कोई भी शारीरिक गतिविधि करने में किसी खास अंग पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।

पोस्चरः प्लैंक करते हुए आपको कमर बिल्कुल सीधी रखनी होती है। जिससे कमर के ऊपरी और निचले हिस्से को मजबूती मिलती है और शरीर का पोस्चर सही होता है। पोस्चर खराब होने से आपको कमर, कंधों और पैरों में दर्द की समस्या होती है।

कोर को मजबूती मिलती हैः इस एक्सरसाइज को करने से आपके कोर (पेट और इसके आसपास की मांसपेशियां) को मजबूती मिलती है। जिससे अतिरिक्त फैट बर्न होता है और आप पतले होते हैं। साथ ही इसकी मदद से आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में ज्यादा वेट उठा पाते हैं।

मेटाबॉलिज्म बढ़ता हैः प्लैंक एक्सरसाइज में कई मसल्स एक साथ सक्रिय रहती हैं। जिससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और शरीर पर अतिरिक्त चर्बी नहीं चढ़ पाती। इसके साथ ही आपको गैस, अपच जैसी समस्याएं भी नहीं होती।

लचीलापन बढ़ता हैः मांसपेशियों का लचीला होना काफी जरूरी है, क्योंकि इससे क्रैंप और चोटिल होने का खतरा कम हो जाता है। प्लैंक आपके कंधों, हैमस्ट्रिंग और कोलरबोन को स्ट्रेच करके लचीला बनाता है।




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